Welcome to Primary Teacher Education College
The journey of Primary Teacher Education College, Chandwara (PTEC) commenced under the banner of Bihar School Examination Board, Patna. Its PTEC was established in 1935 of all these trusts.
Primary Teacher Education College, Chandwara, is well known in the Country for good services to the people. It has established many educational Institutions, rehabilitation and health care centers at Chandwara, (Bihar).
These College of Teachers' Training is which is affiliated to Bihar School Examination Board, Patna and recognized by Bihar Government.
* ऑनलाइन फ्रॉड कॉल और एसएमएस से सावधान
किसी व्यक्ति द्वारा फ़ोन कर के या मैसेज कर के नामांकन संबंधी किसी प्रकार का शुल्क यदि मांगा जाता है तो इसका कंप्लेन नजदीकी पुलिस स्टेशन में करें। संस्थान के तरफ से ऐसा कोई फ़ोन या मैसेज नहीं किया जाता है बल्कि नामांकन हेतु विभाग द्वारा निर्धारित शुल्क का भुगतान नामांकन के दिन संस्थान में काउंसलिंग प्रक्रिया के पश्चात् ही लिया जाता है।
Flash News
पी.टी.ई.सी. चंदवारा मुजफ्फरपुर में भाड़े पर वाहन हेतु कोटेशन आमंत्रण सूचना
Notification-18-08-2026
vigyapti-deled-10-08-26
Lt No. 829 Dt 08.08.2026
Order No-3170 Dated-30.06.2026
स्पॉट नामांकन हेतु चयनित अभ्यर्थी
अंतिम मेधा सूची विज्ञानं
अंतिम मेधा सूची कला
Provisional Merit List Arts & Commerce
Provisional Merit List Science
First Admission list Date : 11-12-25
305--BSEB--2025
सन 2025-27 नामांकन से संबंधित प्रपत्र
PTEC Chandwara, Muzaffarpur TENDER ( Read Here...)
आवश्यक सुचना
Expression of Interest (EOI)
For Empanelment of Resource Persons in SCERT & TEIs of Bihar (Read here)( Date : 11/12/2024)
डी.एल.एड. सत्र-2024-26 नामांकन हेतू प्रतीक्षा सूची (Read here)
Read More
*प्राचार्य की सोच एवं संकल्प...✍️*
“शिक्षक केवल ज्ञान का संवाहक नहीं, बल्कि समाज के भविष्य का निर्माता होता है।”
प्राथमिक शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय, चन्दवारा, मुजफ्फरपुर की वेबसाइट पर आपका स्वागत करते हुए नव पदस्थापित प्रभारी प्राचार्य के रूप में मुझे अत्यंत हर्ष एवं गौरव की अनुभूति हो रही है। हमारा प्रशिक्षण महाविद्यालय अपनी पुरातन अस्मिता को बनाए रखते हुए सन् 1934 ई० के परतंत्र भारत में स्थापित होकर स्वतंत्र भारत के 21वीं सदी में प्रवेश कर चुका है। निवर्तमान की शैक्षणिक एवं प्रशैक्षणिक आवश्यकताओं एवं चुनौतियों को ध्यान में रखकर निरंतर प्रगति के सोपान पर अग्रसर है।
सही मायने में कहा जाए तो शिक्षा किसी राष्ट्र के विकास की आधारशिला है और शिक्षक उस आधारशिला को सुदृढ़ करने वाला सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ इसलिए शिक्षक-शिक्षा का उद्देश्य केवल एक प्रमाण-पत्र अथवा प्रशिक्षण पूरा कराना नहीं, बल्कि ऐसे शिक्षक तैयार करना है जो ज्ञानवान होने के साथ-साथ संवेदनशील, रचनात्मक, उत्तरदायी, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सम्पन्न और बच्चों की आवश्यकताओं को समझने वाले हों। हमारा प्रशिक्षण महाविद्यालय इसी व्यापक दृष्टिकोण के साथ पूर्व-सेवा कालीन प्रशिक्षु शिक्षक-शिक्षिकाओं (D.El.Ed.) का प्रशिक्षण तथा सेवा कालीन (In Service Teacher Training) शिक्षक-प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षक-शिक्षा की गुणवत्ता को निरंतर बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
हमारा विश्वास है कि एक उत्कृष्ट शिक्षक तैयार करने के लिए केवल पुस्तकीय ज्ञान पर्याप्त नहीं है। शिक्षक को बाल-मनोविज्ञान, व्यक्तिगत विभिन्नता, कक्षा-कक्ष की विविधता, स्थानीय परिवेश, भाषा, संस्कृति, तकनीक, नवाचार तथा बदलती हुई शैक्षिक आवश्यकताओं से भी परिचित होना चाहिए। इसलिए हमारे प्रशिक्षण में ज्ञान के साथ कौशल, कौशल के साथ संवेदना और संवेदना के साथ उत्तरदायित्व को विशेष महत्व दिया जाता है।
हमारी दृष्टि में पूर्व सेवाकालीन प्रशिक्षण से तात्पर्य है "भविष्य के शिक्षकों की नींव" D.El.Ed. प्रशिक्षण हमारे लिए केवल पाठ्यक्रम पूरा करने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि भावी शिक्षकों के व्यक्तित्व एवं व्यावसायिक क्षमता के निर्माण का अवसर है। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक प्रशिक्षु शिक्षक-शिक्षिका में यह विश्वास विकसित हो कि वह केवल नौकरी करने के लिए नहीं, बल्कि बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए शिक्षक बन रहा है।प्रशिक्षुओं को कक्षा-कक्षीय अनुभव, गतिविधि-आधारित शिक्षण, विद्यालय अनुभव कार्यक्रम, समूह कार्य, चर्चा-परिचर्चा, प्रायोगिक कार्य, शैक्षिक तकनीक तथा नवाचारों के माध्यम से सीखने के अवसर प्रदान करना हमारी पहली प्राथमिकता है।
साथ ही सेवाकालीन प्रशिक्षण से हमारा अभिप्राय है "सीखना कभी समाप्त नहीं होता यह जीवन पर्यंत चलने वाली एक प्रक्रिया है" हम यह मानते हैं कि शिक्षक बनने के बाद सीखने की प्रक्रिया समाप्त नहीं होती, बल्कि वहीं से उसका एक नया अध्याय प्रारंभ होता है। विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए संचालित सेवाकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य उनके अनुभव को नई शैक्षिक दृष्टि, नवीन शिक्षण-पद्धतियों, तकनीकी दक्षताओं तथा समकालीन शैक्षिक आवश्यकताओं से जोड़ना है। एक अच्छा शिक्षक स्वयं भी निरंतर सीखता है और अपने सीखने को बच्चों तक पहुँचाता है। इसलिए हमारे लिए प्रत्येक प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल सूचना देने का माध्यम नहीं, बल्कि अनुभवों का आदान-प्रदान, आत्मचिंतन और व्यावसायिक विकास का एक सफलतम मंच है। नित्य नए नवाचारों को स्वीकार करते हुए व्यवसायगत उत्कृष्टता प्राप्त करना ही हमारी सोच है।
वास्तव में हमारा प्रयास है कि अपना महाविद्यालय केवल प्रशिक्षण संचालित करने वाला संस्थान न रहकर शिक्षक-शिक्षा में उत्कृष्टता, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण अभ्यास का केन्द्र बने। इसके लिए हमारी प्राथमिकताएँ स्पष्ट हैं—
1. प्रशिक्षण में गुणवत्ता और व्यवहारिकता को सर्वोच्च महत्व देना।
2. प्रशिक्षुओं में संवेदनशीलता, अनुशासन, नेतृत्व एवं उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना।
3. आधुनिक तकनीक और नवाचार को शिक्षण-अधिगम से जोड़ना।
4. विद्यालयी अनुभवों और प्रशिक्षण को एक-दूसरे का पूरक बनाना।
5. प्रशिक्षुओं तथा कार्यरत शिक्षकों को निरंतर सीखने और आत्ममूल्यांकन के लिए प्रेरित करना।
6. महाविद्यालय में ऐसा सकारात्मक शैक्षिक वातावरण विकसित करना है जहाँ हर व्यक्ति सीखने वाला भी हो और सीखने में सहयोगी भी बने।
एक प्राचार्य के रूप में मेरी दृष्टि में महाविद्यालय का नेतृत्व केवल प्रशासनिक व्यवस्था चलाने तक सीमित नहीं है। यह एक ऐसी जवाबदेही है जिसमें संस्थान के प्रत्येक पूर्व-सेवाकालीन प्रशिक्षु शिक्षक-शिक्षिकाएं, सेवाकालीन शिक्षक-शिक्षिकाएं, व्याख्याता गण,कर्मचारी, मानव बल और उससे जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के विकास एवं सम्मान की जिम्मेदारी निहित है। हमारा प्रयास रहेगा कि महाविद्यालय में अनुशासन के साथ आत्मीयता, प्रशासन के साथ पारदर्शिता, प्रशिक्षण के साथ नवाचार और कार्य के साथ उत्कृष्टता का वातावरण निर्मित हो।
मैं मानता हूँ कि किसी भी प्रशिक्षण महाविद्यालय की वास्तविक पहचान उसकी इमारत से नहीं, बल्कि वहाँ से निकलने वाले प्रशिक्षणार्थियों और वहां के प्रशिक्षकों के ज्ञान, व्यवहार, संस्कार और कार्य की गुणवत्ता से होती है। इसी विश्वास के साथ हम ऐसे शिक्षक तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो अपने विद्यार्थियों में केवल पाठ्यक्रम पूरा करने की क्षमता नहीं, बल्कि सोचने, समझने, प्रश्न करने, सृजन करने और पूरी क्रियाशीलता के साथ एक बेहतर समाज के निर्माण की क्षमता विकसित कर सकें।
आइए, हम सभी मिलकर अपने प्राथमिक शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय चन्दवारा में शिक्षक-शिक्षा को केवल एक प्रशिक्षण प्रक्रिया न मानकर इसे राष्ट्र-निर्माण की एक सशक्त यात्रा बनाएं। “श्रेष्ठ शिक्षक का निर्माण ही श्रेष्ठ समाज और श्रेष्ठ राष्ट्र के निर्माण की पहली सीढ़ी है।” इसी संकल्प, विश्वास और सकारात्मक ऊर्जा के साथ हमारा महाविद्यालय शिक्षक-शिक्षा एवं शिक्षण-प्रशिक्षण के क्षेत्र में गुणवत्ता, नवाचार और उत्कृष्टता की दिशा में निरंतर अग्रसर है और आगे भी रहेगा।
प्राचार्य
(मणिराज पाण्डेय)
प्राथमिक शिक्षक
शिक्षा महाविद्यालय
चन्दवारा मुजफ्फरपुर
Notice Board
Amrit Kaal Story-Writing Competition


![PTEC Chandwara [Official Website]](https://ptecchandwara.co.in/wp-content/uploads/2021/08/Untitled-1.png)














